भगवान गणेश के 108 नाम
भगवान गणेश, जिन्हें विघ्नहर्ता, बुद्धिप्रदाता और शुभारंभ के देवता के रूप में पूजा जाता है, उनके 108 नामों का पाठ करना अथवा जप करना अत्यंत शुभ, मंगलकारी और फलदायक माना गया है। इन नामों में गणेश जी के स्वरूप, गुण, शक्तियाँ और उनके दिव्य कार्यों का विस्तृत…
Read Moreश्री गणेश जी आरती
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा ।माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥एक दंत दयावंत, चार भुजा धारी ।माथे सिंदूर सोहे, मूसे की सवारी ॥जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा ।माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥ पान चढ़े फल चढ़े, और चढ़े मेवा ।लड्डुअन का भोग लगे, संत करें…
Read Moreश्री गणपति अथर्वशीर्ष
श्री गणपति अथर्वशीर्ष गणपति उपासना का अत्यंत महत्त्वपूर्ण वेदिक स्तोत्र है। इसे अथर्ववेद का अंग माना जाता है। यह गणपति को परब्रह्म, सच्चिदानंद स्वरूप और समस्त जगत का कारण बताता है। श्री गणपति अथर्वशीर्ष का पाठ केवल भौतिक सफलता ही नहीं देता, बल्कि साधक को…
Read Moreसंकटनाशन श्री गणेश स्तोत्र
संकटनाशन गणेश स्तोत्र का महत्व अत्यंत विशेष माना गया है। यह स्तोत्र भगवान गणेश की आराधना का एक शक्तिशाली माध्यम है। इसका उल्लेख नारद पुराण में मिलता है । जो भक्त पूरे विश्वास और श्रद्धा से संकटनाशन गणेश स्तोत्र का पाठ करते हैं, उनके जीवन में आने वाले…
Read Moreश्री गणेश जी के प्रमुख मंत्र
भगवान गणेश को “विघ्नहर्ता” और “सिद्धि-बुद्धि के दाता” कहा गया है। उनकी सेवा और उपासना से जीवन में हर क्षेत्र में सफलता मिलती है। इसलिए वे “सर्वप्रथम पूज्य” और “विघ्नहर्ता” कहलाते हैं। भगवान श्री गणेश के मंत्रो का नित्य जाप करने से समस्त विघ्न-बाधाये…
Read Moreश्री गणेश चालीसा
दोहाजय गणपति सद्गुण सदन कविवर बदन कृपाल।विघ्न हरण मंगल करण जय जय गिरिजालाल॥ ॥ चौपाई ॥जय जय जय गणपति राजू।मंगल भरण करण शुभ काजू॥ जय गजबदन सदन सुखदाता।विश्व विनायक बुद्धि विधाता॥ वक्र तुण्ड शुचि शुण्ड सुहावन।तिलक त्रिपुण्ड भाल मन भावन॥राजित मणि मुक्तन उर…
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