कीलक स्तोत्र
कीलक स्तोत्र देवी के कृपा द्वार को खोलता है। देवी के उपासक को बिना किसी बाधा के सप्तशती पाठ का पूरा फल प्राप्त होता है। जो व्यक्ति श्रद्धा से इसका पाठ करता है, उसकी मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं, विशेषकर धन, स्वास्थ्य और सफलता से संबंधित। कीलक स्तोत्र में…
Read Moreश्री अर्गला स्तोत्रम्
|| श्रीचण्डिकाध्यानम् ||ॐ बन्धूककुसुमाभासां पञ्चमुण्डाधिवासिनीम् .स्फुरच्चन्द्रकलारत्नमुकुटां मुण्डमालिनीम् ..त्रिनेत्रां रक्तवसनां पीनोन्नतघटस्तनीम् .पुस्तकं चाक्षमालां च वरं चाभयकं क्रमात् ..दधतीं संस्मरेन्नित्यमुत्तराम्नायमानिताम् .अथ…
Read Moreश्री देवी दुर्गा कवच
“दुर्गा कवच” जिसे “देवी कवच” भी कहा जाता है, मार्कण्डेय पुराण के अंतर्गत दुर्गा सप्तशती का अत्यंत प्रभावशाली हिस्सा है। यह कवच देवी दुर्गा की 108 शक्तियों और उनके विविध रूपों का आह्वान करता है, जो साधक की रक्षा करते…
Read Moreसिद्ध कुंजिका स्तोत्र
“सिद्ध कुंजिका स्तोत्रम्” देवी उपासना का एक अत्यंत गोपनीय, शक्तिशाली और चमत्कारी स्तोत्र है। यह स्तोत्र दुर्गा सप्तशती (चंडी पाठ) का बीज, सार, और तंत्र-शक्ति रूप माना जाता है। साधक इसे पढ़कर पूर्ण दुर्गा सप्तशती का फल…
Read Moreश्री दुर्गा स्तोत्रम्
माँ दुर्गा स्तोत्र एक अत्यंत प्रसिद्ध और शक्तिशाली स्तोत्र है , जिसका पाठ करने से भय, रोग, दुःख और नकारात्मक शक्तियों से रक्षा होती है। यह स्तोत्र देवी महात्म्य (दुर्गा सप्तशती) और अन्य शास्त्रों से लिया गया है। श्री दुर्गा स्तोत्रम् नमो देव्यै महादेव्यै…
Read Moreदुर्गा जी आरती (ॐ जय अम्बे गौरी )
ॐ जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी । तुमको निशदिन ध्यावत, मैया जी को सदा मनावत, हरि ब्रह्मा शिवरी ।। ॐ जय अम्बे गौरी । मांग सिंदूर विराजत, टीको मृगमद को ।उज्ज्वल से दोउ नैना, निर्मल से दोउ नैना, चन्द्रबदन नीको ।।ॐ जय अम्बे गौरी । कनक समान…
Read Moreश्री देवी अथर्वशीर्ष
ॐ सर्वे वै देवा देवीमुपतस्थुः कासि त्वं महादेवीति ॥ १॥साब्रवीत् – अहं ब्रह्मस्वरूपिणी ।मत्तः प्रकृतिपुरुषात्मकं जगत् । शून्यं चाशून्यं च ॥ २॥अहमानन्दानानन्दौ। अहं विज्ञानाविज्ञाने। अहं ब्रह्माब्रह्मणी वेदितव्ये।अहं पञ्चभूतान्यपञ्चभूतानि । अहमखिलं जगत् ॥…
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