ॐ जय जगदीश हरे आरती
ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे ।भक्त जनों के संकट, दास जनों के संकट,क्षण में दूर करे ॥ ॥ ॐ जय जगदीश हरे..॥ जो ध्यावे फल पावे, दुःख बिनसे मन का, स्वामी दुःख बिनसे मन का ।सुख सम्पति घर आवे, सुख सम्पति घर आवे,कष्ट मिटे तन का ॥ ॥ ॐ जय जगदीश हरे..॥…
Read Moreश्री गणेश जी आरती
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा ।माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥एक दंत दयावंत, चार भुजा धारी ।माथे सिंदूर सोहे, मूसे की सवारी ॥जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा ।माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥ पान चढ़े फल चढ़े, और चढ़े मेवा ।लड्डुअन का भोग लगे, संत करें…
Read Moreश्री गणपति अथर्वशीर्ष
श्री गणपति अथर्वशीर्ष गणपति उपासना का अत्यंत महत्त्वपूर्ण वेदिक स्तोत्र है। इसे अथर्ववेद का अंग माना जाता है। यह गणपति को परब्रह्म, सच्चिदानंद स्वरूप और समस्त जगत का कारण बताता है। श्री गणपति अथर्वशीर्ष का पाठ केवल भौतिक सफलता ही नहीं देता, बल्कि साधक को…
Read Moreश्री नारायण अथर्वशीर्ष
ॐ अथ पुरुषो ह वै नारायणोऽकामयत प्रजाः सृजेयेती।नारायणात्प्राणो जायते मनः सर्वेन्द्रियाणि च।खं वायुर्ज्योतिरापः पृथिवी विश्वस्य धारिणी । नारायणाद् ब्रह्मा जायते ।नारायणाद्रुद्रो जायते । नारायणादिन्द्रो जायते ।नारायणात्प्रजापतिः प्रजायते नारायणाद्…
Read Moreश्री शिव अथर्वशीर्ष
।श्री गणेशाय नमः। अथर्वशिरसामर्थमनर्थप्रोचवाचकम् ।सर्वाधारमनाधारं स्वमात्रत्रैपदाक्षरम् ॥ ॐ भद्रं कर्णेभिः शृणुयाम देवाभद्रं पश्येमाक्षभिर्यजत्राः ।स्थिरैरङ्गैस्तुष्टुवांसस्तनूभि-र्व्यशेम देवहितं यदायुः ॥ स्वस्ति न इन्द्रो वॄद्धश्रवाःस्वस्ति नः पूषा…
Read Moreश्री सूर्य अथर्वशीर्ष
।श्री गणेशाय नमः।ॐ भद्रं कर्णेभिः शृणुयाम देवा भद्रं पश्येमाक्षभिर्यजत्राः।स्थिरैरङ्गैस्तुष्टुवांसस्तनूभिर्व्यशेम देवहितं यदायुः ।।स्वस्ति न इन्द्रो वृद्धश्रवाः स्वस्ति नः पूषा विश्ववेदाः।स्वस्ति नस्तार्क्ष्यो अरिष्टनेमिः स्वस्ति नो बृहस्पतिर्दधातु।।ॐ…
Read Moreश्री देवी अथर्वशीर्ष
ॐ सर्वे वै देवा देवीमुपतस्थुः कासि त्वं महादेवीति ॥ १॥साब्रवीत् – अहं ब्रह्मस्वरूपिणी ।मत्तः प्रकृतिपुरुषात्मकं जगत् । शून्यं चाशून्यं च ॥ २॥अहमानन्दानानन्दौ। अहं विज्ञानाविज्ञाने। अहं ब्रह्माब्रह्मणी वेदितव्ये।अहं पञ्चभूतान्यपञ्चभूतानि । अहमखिलं जगत् ॥…
Read Moreश्री नवग्रह स्तोत्रम्
श्री नवग्रह स्तोत्रम् नवग्रहों की कृपा प्राप्ति हेतु अत्यंत प्रभावशाली स्तोत्र है, नौ ग्रहों – सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहु और केतु – को समर्पित स्तोत्र है। इन ग्रहों का हमारे जीवन में गहरा प्रभाव होता है। यह स्तोत्र उनके दोषों को शांत…
Read Moreसंकटनाशन श्री गणेश स्तोत्र
संकटनाशन गणेश स्तोत्र का महत्व अत्यंत विशेष माना गया है। यह स्तोत्र भगवान गणेश की आराधना का एक शक्तिशाली माध्यम है। इसका उल्लेख नारद पुराण में मिलता है । जो भक्त पूरे विश्वास और श्रद्धा से संकटनाशन गणेश स्तोत्र का पाठ करते हैं, उनके जीवन में आने वाले…
Read Moreश्री गणेश जी के प्रमुख मंत्र
भगवान गणेश को “विघ्नहर्ता” और “सिद्धि-बुद्धि के दाता” कहा गया है। उनकी सेवा और उपासना से जीवन में हर क्षेत्र में सफलता मिलती है। इसलिए वे “सर्वप्रथम पूज्य” और “विघ्नहर्ता” कहलाते हैं। भगवान श्री गणेश के मंत्रो का नित्य जाप करने से समस्त विघ्न-बाधाये…
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