भगवान के 108 नाम
भगवान के 108 नामों के स्मरण मात्र से पापों का नाश होता है। 108 एक पवित्र संख्या है — माला में भी 108 मोती होते हैं, यह भक्त और भगवान के बीच एक पुल का कार्य करता है। नियमित जप से मानसिक शांति, लक्ष्मी की कृपा, और जीवन में संतुलन आता है। 108 नामों की यह…
Read Moreभगवान गणेश के 108 नाम
भगवान गणेश, जिन्हें विघ्नहर्ता, बुद्धिप्रदाता और शुभारंभ के देवता के रूप में पूजा जाता है, उनके 108 नामों का पाठ करना अथवा जप करना अत्यंत शुभ, मंगलकारी और फलदायक माना गया है। इन नामों में गणेश जी के स्वरूप, गुण, शक्तियाँ और उनके दिव्य कार्यों का विस्तृत…
Read Moreभगवान शिव के 108 नाम
भगवान शिव के 108 नामों का जप करने से मानसिक शांति, आध्यात्मिक उन्नति और आत्मिक बल की प्राप्ति होती है। इन नामों का नियमित जप करने से जीवन की कठिनाइयाँ, रोग, ग्रह दोष, और अन्य नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है। यह विश्वास किया जाता है कि शिव के इन नामों का…
Read Moreकार्तिक मास – संपूर्ण व्रत कथा एवं महत्त्व
कार्तिक मास व्रत का महत्व : हिंदू पंचांग अनुसार हर वर्ष का आठवां महीना कार्तिक होता है। कार्तिक का महीना बारह महीनों में से श्रेष्ठ महीना है। पुराणों में कार्तिक मास को स्नान, व्रत व तप की दृष्टि से मोक्ष ओए कल्याण प्रदान करने वाला बताया गया है। कार्तिक…
Read Moreकार्तिक मास का महत्त्व
कार्तिक मास को “दान, स्नान, दीपदान और भक्ति” का महीना कहा गया है। यह महीना भगवान श्रीविष्णु और भगवान शिव दोनों के लिए अत्यंत प्रिय माना गया है। कार्तिक मास अश्विन पूर्णिमा से शुरू होकर मार्गशीर्ष अमावस्या तक चलता है। इसे “वैकुण्ठ मास” या “धर्म मास” भी…
Read Moreदामोदर अष्टकम
दामोदराष्टकम एक अत्यंत पवित्र स्तोत्र है, जो श्री सत्यम् ब्रह्म मुनी (श्री सत्यव्रत मुनि) द्वारा रचित है। कार्तिक मास में इस स्तोत्र का पाठ करने का विशेष महत्त्व है, इसके जाप से श्रीकृष्ण (दामोदर) की कृपा प्राप्त होती है । दामोदर अष्टकम(1) नमामीश्वरं…
Read Moreश्री दुर्गा स्तोत्रम्
माँ दुर्गा स्तोत्र एक अत्यंत प्रसिद्ध और शक्तिशाली स्तोत्र है , जिसका पाठ करने से भय, रोग, दुःख और नकारात्मक शक्तियों से रक्षा होती है। यह स्तोत्र देवी महात्म्य (दुर्गा सप्तशती) और अन्य शास्त्रों से लिया गया है। श्री दुर्गा स्तोत्रम् नमो देव्यै महादेव्यै…
Read Moreशिव जी की आरती
ॐ जय शिव ओंकारा, भोले हर शिव ओंकारा।ब्रह्मा विष्णु सदा शिव अर्द्धांगी धारा ॥ॐ हर हर हर महादेव…॥ एकानन चतुरानन पंचानन राजे।हंसानन गरुड़ासन वृषवाहन साजे ॥ॐ हर हर हर महादेव..॥ दो भुज चार चतुर्भुज दस भुज अति सोहे।तीनों रूपनिरखता त्रिभुवन जन मोहे ॥ॐ हर हर हर…
Read Moreसरस्वती माता की आरती
|| सरस्वती माता की आरती ||ॐ जय सरस्वती माता, जय जय सरस्वती माता,सदगुण वैभवशालिनि, त्रिभुवन विख्याता ||जय जय सरस्वती माता,ॐ जय सरस्वती माता, जय जय सरस्वती माता ||चंद्रवदन पदमासिनी कृति मंगलकारी,सोहे शुभ हंस सवारी, अतुल तेज धारी ||जय जय सरस्वती माता,ॐ जय…
Read Moreदुर्गा जी आरती (ॐ जय अम्बे गौरी )
ॐ जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी । तुमको निशदिन ध्यावत, मैया जी को सदा मनावत, हरि ब्रह्मा शिवरी ।। ॐ जय अम्बे गौरी । मांग सिंदूर विराजत, टीको मृगमद को ।उज्ज्वल से दोउ नैना, निर्मल से दोउ नैना, चन्द्रबदन नीको ।।ॐ जय अम्बे गौरी । कनक समान…
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